लेखकीय मन की परिपक्वता को दर्शाते हैं ‘अनहदनाद’ के गीत: डॉ. गुप्त
बीकानेर, 23 फरवरी। हरि शंकर आचार्य के गीत विषयों की वैविध्यता लिए हैं। इनमें प्रकृति के सभी रंग हैं। पंछियों का कलरव है। जीवन की क्षणभंगुरता को दर्शाने वाले ये गीत, सृजन की दुनिया में विशेष स्थान हासिल करेंगे। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. उमाकांत गुप्त ने रविवार को जिला उद्योग संघContinue Reading









