
बीकानेर 29 जुलाई।कार्यक्रम प्रवक्ता एनडी क़ादरी ने बुधवार को प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि ये शाम मस्तानी म्यूजिकल फाउंडेशन रजि. जयपुर की बीकानेर शाखा की ओर से आज बुधवार की शाम को सर्किट हाउस के ठीक सामने महात्मा गांधी पार्क परिसर में आयोजित “तुम मुझे यूं भुला नहीं पाओगे” स्वरांजली कार्यक्रम में महान गायक मोहम्मद रफी की 46वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में संस्था संरक्षक सुनील दत्त नागल, कलाकार अनवर अजमेरी, रामकिशोर यादव, सैय्यद अख्तर,सुनील शादी, पवन कुमार चढ्ढा, दिनेश दिवाकर, शाकिर हुसैन शाकिर, देवेश भाटी, हरीश शर्मा , के कुमार आहूजा आदि कलाकारों ने प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ बैंक कर्मचारी नेता वाई के शर्मा (योगी) थे, कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व महापौर हाजी मकसूद अहमद ने की। इस अवसर पर स्वरांजलि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बैंक कर्मचारी नेता वाई के शर्मा (योगी) ने रफी साहब के तेल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कहा कि उनकी दिलकश आवाज के सदाबहार गायक मोहम्मद रफी काफी दयालु इंसान थे। वह कभी भी संगीतकार से ये नहीं पूछते थे कि उन्हें गीत गाने के लिए कितना पैसा मिलेगा। वह सिर्फ आकर गीत गा दिया करते थे और कभी-कभी तो 1 रुपये लेकर भी गीत उन्होंने गाया है। ये रफी की दिलदारी का प्रमाण है। वैसे तो रफी ने हरेक सिंगर के साथ गाना गाया है, लेकिन स्वर सम्राज्ञी लता मंगेशकर के साथ उनकी जोड़ी कमाल की थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व महापौर हाजी मकसूद अहमद ने रफी साहब के तेल चित्र पर खिराजे अकीदत पेश करते हुए कहा कि रफी साहब के गाए गीत इतने मधुर हैं कि आज भी लोगों के जेहन में बसते हैं। रफी वो कोहिनूर थे जिसके दुनिया से चले जाने के बाद भी उसकी चमक आज बरकरार है। अपनी आवाज की मधुरता से उन्होंने अपने समकालीन गायकों के बीच एक अलग पहचान बनाई थी।इसलिए उन्हें शहंशाह-ए-तरन्नुम भी कहा जाता है। उनकी आवाज में गजब की अदायगी थी, जिसे कॉपी करना नामुमकिन सा है।विशिष्ट अतिथियों संगीत कला प्रेमी भरत प्रकाश श्रीमाली, भवानी आचार्य,डॉक्टर शब्बीर पंवार, एस कुमार हटीला एवं छोटू खां आदि ने रफी साहब के जीवन पर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता एनडी क़ादरी ने किया।

