
बीकानेर 19 जून।।इस वर्ष की थीम ” Yoga for Healthy Ageing” हमें यह संदेश देता है कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं, बल्कि स्वस्थ, सक्रिय, आत्मनिर्भर और गरिमापूर्ण जीवन जीने की कला है।योग की सबसे बड़ी विशेषता है कि यह शारीरिक सुदृढ़ता, मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और आध्यात्मिक जागरूकता—चारों का समन्वित विकास करता है। योग हमारी प्रतिरोधक क्षमता, लचीलापन, एकाग्रता और सकारात्मक सोच को बढ़ाता है तथा तनाव, चिंता और एकाकीपन को कम करने में सहायक बनता है।

।इसी प्रकार, राजयोग हमें अपने विचारों का स्वामी, भावनाओं का नियंत्रक और परिस्थितियों का विजेता* बनना सिखाता है। राजयोग के माध्यम से हम स्वयं को एक शांत, पवित्र, शक्तिशाली और आनंदमय आत्मा के रूप में अनुभव करते हैं। परमात्मा से जुड़कर हमारे भीतर आत्मविश्वास, धैर्य, करुणा, सहनशीलता और आंतरिक शक्ति का विकास होता है।आज की तनावपूर्ण और व्यस्त जीवनशैली में योग और राजयोग, दोनों ही हमें स्वस्थ शरीर के साथ मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और आध्यात्मिक सशक्तता प्रदान करते हैं।

आइए, इस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर इस वर्ष की थीम “Yoga for Healthy Ageing” को सार्थक व सफल बनाने के लिए हम संकल्प लें कि योग और राजयोग को केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि दैनिक जीवन का संस्कार बनाएँगे, ताकि हम हर आयु में *स्वस्थ, सक्रिय, शांत, और आनंदमय जीवनयापन कर सकें तथा समाज में सकारात्मकत उर्जा का प्रसार करे और कहे सके- योग दे तन को स्फूर्ति, मन को दे नई उड़ान, राजयोग जगाए आत्मबल, भर दे जीवन में मुस्कान।

