
बीकानेर , 17 जून। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गंगाशहर नगर पर्यावरण गतिविधि तथा रिद्धि सिद्धि गार्डन सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान कुल 108 फलदार, छायादार एवं बीजदार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में विशेष रूप से छायादार, बीजदार और फलदार पौधों का चयन किया गया, जिसमें आंवला, गुलमोहर, जामुन, चीकू और अशोक आदि के वृक्ष शामिल रहे। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, इस हरित पहल से न केवल आसपास के पर्यावरण और वायु गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय जैव विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा तथा पशु-पक्षियों को भी प्राकृतिक आवास एवं खाद्य संसाधन उपलब्ध होंगे। वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने का संकल्प भी है। ये पेड़-पौधे भविष्य में बड़े होकर मनुष्य और पशु-पक्षियों के बीच प्रकृति के सुंदर सह-अस्तित्व और आपसी मेलजोल को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होंगे। यह परिसर आने वाले समय में जीव-जंतुओं के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल के रूप में विकसित होगा।वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और घटते हरित क्षेत्र को देखते हुए प्रत्येक नागरिक को अधिकाधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का दायित्व निभाना चाहिए। केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें संरक्षित कर वृक्ष के रूप में विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है।इस पुनीत कार्य में प्रांत पर्यावरण संयोजक अंगद बिश्नोई, डॉ. कमल कान्त शर्मा,पर्यावरणविद् मनीष गहलोत रतनलाल जी दफ्तरी(डिवेलपर) , डॉ किशन लाल मेघवाल (सोसाइटी अध्यक्ष), उज्जवल बच्छावत, कैलाश जी गोलछा ,भेरूदान पुगलिया, नवीन डागा, माणक चंद डागा, विकास, भानुप्रताप, अशोक, जतनलाल, सुरेंद्र, पूजा, सरला, सुचित्रा, किशन लाल वर्मा एवं सरोज सहित अनेक प्रबुद्धजनों ने सक्रिय योगदान दिया। संस्था के सदस्यों ने केवल पौधारोपण ही नहीं किया, बल्कि इन पौधों के ट्री-गार्ड लगाने और उनके बड़े होने तक नियमित सिंचाई व देखरेख की सामूहिक जिम्मेदारी भी ली। उल्लेखनीय है कि सोसाइटी द्वारा इससे पूर्व भी सजगता दिखाते हुए ‘प्लास्टिक मुक्त अभियान’ चलाया गया था, जो पर्यावरण के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता के साथ आज भी अनवरत जारी है। उपस्थित जनों ने समाज के हर नागरिक से इस मानसून सत्र में कम से कम एक पौधा लगाने और धरती को हरा-भरा बनाने की अपील की, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त वातावरण उपहार में दिया जा सके। सोसायटी द्वारा समय-समय पर वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर समाज को प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व निभाने के लिए प्रेरित किया जाता रहा है।

